परफ़्यूम
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं... टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है...
रविवार, 14 अगस्त 2022
रेख़्ता
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