परफ़्यूम
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं... टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है...
रविवार, 14 अगस्त 2022
अमर उजाला- काव्य
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https://www.amarujala.com/amp/kavya/kavya-charcha/siraj-faisal-khan-best-shayari-collection
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