परफ़्यूम
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं... टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है...
सोमवार, 15 अगस्त 2022
पथ के साथी
शाहजहांपुर के वरिष्ठ पत्रकार 'स्वर्गीय जोगेंद्र सिंह'
का लिखा 2012 का आलेख
💐💐💐
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें