गुरुवार, 18 अगस्त 2022

नज़्म-4/ नॉस्टेल्जिया



नॉस्टेल्जिया

वो जब नाराज़ होती थी
तो अपने गार्डन में जा के मुझको फ़ोन करती थी
सताने के लिए मुझको
वो कहती थी
बहुत बनने लगे हो तुम
मज़ा तुमको चखाऊँगी
तुम्हारी वो जो गुड़िया है मेरे अंदर
मैं उसकी उँगलियों में सैकड़ों कांटे
चुभाऊँगी
रुलाऊँगी
मैं कहता था अगर तुमने
मेरी प्यारी सी गुड़िया को
सताया तो
रुलाया तो
क़सम से मैं
तुम्हारा वो जो बाबू है मेरे अंदर
मैं उसकी जान ले लूँगा...!!

11 जनवरी, 2016

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